प्रो. मिहिर कांति चौधुरी कुलपति

प्रो. मिहिर कांति चौधुरी

कुलपति

संपर्क :
कुलपति का कार्यालय, तेजपुर विश्वविद्यालय, नपाम-784028
फोन: (03712)- 267003, 267115, (का.) फैक्स (03712)- 267006

 

शैक्षणिक डिग्रियाँ:

- एम. एस सी. (अकार्बनिक रसायन विज्ञान), कल्याणी विश्वविद्यालय
- पीएच.डी. - आइ. आइ. टी., खड़गपुर
- डॉ. रेर नेट (आर्गेनोमेटालिक रसायन), रूहर विश्वविद्यालय, जर्मनी
 

वर्तमान पद

- कुलपति, तेजपुर विश्वविद्यालय, 21 मई, 2007 से

इसके पूर्व धारित विभिन्न पद

∙ संकाय अध्यक्ष, अनुसंधान और विकास, भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी
∙ संकाय अध्यक्ष, छात्र मामले, भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी
∙ अध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग,भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी
∙ अध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग, पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, शिलांग
 

विशेषज्ञता

- अकार्बनिक रसायन विज्ञान, रसायनिक प्रोद्योगिकी
 

गवेषणा के क्षेत्र

अकार्बनिक यौगिक का संश्लेषण तथा संरचनात्मक मूल्यांकन, रिएक्शन प्रोफाइल्स की जांच, नवीनतम सामग्रियाँ और प्रविधि, अकार्बनिक मास स्पेक्ट्रोमेट्री, नए अभिकर्मक, अनुप्रयुक्त इनार्गेनिक हरित रसायन

 

पेशेवर/ राष्ट्रीय स्तरों के निकायों / समितियों की सदस्यता

∙ 1982 से संघ लोक सेवा आयोग के रसायन विज्ञान विशेषज्ञ पैनेल के सदस्य
∙ 1985 से पर्यावरण और वन मंत्रालय के तहत रसायन और प्रदूषण नियंत्रण के विशेषज्ञ पैनल के सदस्य
∙ 1987 से सी.एस.आइ.आर., नई दिल्ली के अतिरिक्त मुरल रिसर्च समिति के सदस्य
∙ अनेक विश्वविद्यालयों / संस्थानों के प्रबंधन मंडल में भारत के राष्ट्रपति के मनोनीत सदस्य
∙ आर.आर.एल. जोरहाट के अनुसंधान परिषद के सदस्य
∙ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रसायन पैनल के सदस्य
∙ 1991 से सी.एस.आइ.आर., नई दिल्ली (एसएसबी और वाइएस अवार्डस) की सलाहकार समिति के सदस्य
∙ एक्चेंज ऑफ साइंटिस्ट एंड एडवांसमेंट ऑफ नॉलेज विषयक जर्मनी के अलेक्जेंडर वोन हमबोल्ट फाउंडेशन द्वारा गठित समिति के सदस्य
∙ असम सरकार के विज्ञान, प्रौज्ञोगिकी और पर्यावरण परिषद के सदस्य
∙ रिसर्च कौंसिल ऑफ ह्यूमन रिसर्च डेवलपमेंट ग्रूप (एचआरडीजी) सी.एस.आइ.आर., नई दिल्ली के सदस्य
∙ विज्ञान एवं अभियांत्रिकी गवेषणा परिषद (एसईआरसी), डी.एस.टी, भारत सरकार के सदस्य
∙ एम्पॉलायमेंट जनरेशन कौंसिल, मेघालय सरकार एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के मेघालय सरकार के ई.सी.सदस्य
∙ 1993 से प्रोसिडिंग्स ऑफ इंडियन अकादमी ऑफ साइंस (रसायन विज्ञान) के संपादन मंदल के सदस्य
∙ 1992-93 से सी.ओ.एस.टी. विशेष सहायता कार्यक्रम सहित कई यूजीसी समितियों से संबद्ध
∙ 1991 से भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डी एस टी के पीएसी इनोर्गेनिक रसायन के सदस्य ।


शैक्षणिक विशेष योग्यता / प्राप्त सम्मान :

1 . अमेरिकन केमिकल सोसायटी ग्रीन कैमिस्ट्री पहल , फार्मा गोलमेज - वर्ष 2012 में प्रतिष्ठित सम्मान व्याख्यान पुरस्कार
2 . वर्ष 2012 में माननीय मंत्री , मानव संसाधन विकास मंत्रालय , भारत सरकार के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य के रूप में वाशिंगटन डीसी , संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित भारत अमेरिका उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन में भाग लिया
3 . वर्ष 2011, कोलकाता के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ओरिएंटल विरासत में विस्वा कबी रवींद्रनाथ ठाकुर अवार्ड
4 . वर्ष 2010 में 18वीं देवांग मेहता बी-स्कूल अवार्ड ( शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए )
5 . वर्ष 2010 में आईआईटी खड़गपुर के विशिष्ट पूर्व-छात्र पुरस्कार
6 . वर्ष 2010 में पर्यावरण पर नॉर्थ ईस्ट उत्कृष्टता पुरस्कार (वाणिज्य इंडियन चैंबर ) (2009 के लिए )
7 . वर्ष 2009 में डा. जे एन बरुआ व्याख्यान पुरस्कार
8 . वर्ष 2005 में इंडियन केमिकल सोसायटी की ओर से एसएस संधू पुरस्कार
9 . वर्ष 2002 में केमिटो पुरस्कार
10 . वर्ष 1998 में प्रोफेसर पी. नटराजन बंदोबस्ती पुरस्कार
11 . वर्ष 1991 में राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ( एफएनए ) के फैलो
12 . वर्ष 1989 में रसायन विज्ञान में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार
13 . वर्ष 1988 में भारतीय विज्ञान अकादमी ( एफ.ए.एससी. ) के फैलो
14 . अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फैलोशिप , वर्ष 1973 में पश्चिम जर्मनी
   
शोध की उपलब्धियाँ :
 
- 138 शोध पत्र / लेख प्रतिष्ठित राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित.
- उनके योगदान के खिलाफ पंजीकृत 8 (अमेरिकी और भारतीय दोनों) पेटेंट
- 26 पीएच.डी.
- 2 प्रौद्योगिकी उद्योग को हस्तांतरित
- 2 किताबें
 
अन्य सूचना

उन्होंने भारत और विदेशों में अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों, सम्मेलनों और कार्यशालाओं में विषय विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिया है । राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कई सम्मेलनों के वे अध्यक्ष भी रहे हैं । उनके द्वारा आविस्कृत कई उत्पादों को कई विभिन्न एम.एन.सी. द्वारा अपनाया गया है ।

 

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